संदेश क्र० -२५६६, दिनांक-२८-१२-२०२३
🚩 हरि ॐ जी 🚩।। राम राम जी ।। ॐ वैष्णवै नम: ।। सुप्रभातम् ।।
🍁 गुरूर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर: । गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम: ।।
🍁ॐ नारायणाय विद्महे । वासुदेवाय धीमहि । तन्नो विष्णु प्रचोदयात ।। भगवान विष्णु और गुरुदेव भगवान की पूजा अर्चना का दिन गुरुवार आपको सपरिवार मंगलमय हो । उनकी कृपा से आप सदैव स्वस्थ एवम् समृद्ध रहें, इस हेतु हमारी हार्दिक शुभकामनाएं ।
🍁 आज पौष मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि कल प्रात: ०८ बजकर ०० मिनट तक तदुपरांत तृतीया प्रारंभ, पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि ०१ बजकर ०५ मिनट तक पश्चात पुष्य नक्षत्र प्रारंभ, ऐंद्र योग रात्रि ०२ बजकर २३ मिनट तक पश्चात वैधृति योग प्रारंभ, मिथुन राशि शायं ०६ बजकर ३८ मिनट तक पश्चात कर्क राशि प्रारंभ ।
🍁 "भरत चले चित्रकूट ओ रामा, राम को मनाने ।" जी हां ! भगवान राम वनवास काल में अयोध्या से चलकर प्रयागराज आदि होते हुए चित्रकूट धाम पहुंचे और वही महर्षि अत्रि एवं सती अनुसुइया से भेंटकर कुछ काल वहीं निवास किए । जब भरत जी ननिहाल से लौटकर अयोध्या वापस आए तो प्रभु राम को न पाकर बहुत दुखी हुए । सारी कथा जब समझ गए तब प्रभु राम को मनाने के लिए चल पड़े । राम जी तो नही लौटे पर दोनो भाईयो के परस्पर प्रेम की गाथा आज भी चित्रकूट के कण कण में अंकित है । पग पग पर प्रभु के पदचिन्हों को देख भक्त आज भी द्रवित हो जाते हैं । इस परम पावन धरा का दर्शन की एक योजना बनाई है । यदि आप भी इच्छुक हैं तो तुरंत सूचित करें ।
🍁दो दिन चित्रकूट दर्शन कर बस से उस मां का दर्शन करने की योजना भी है, जहां के विषय में कहा जाता है कि परम वीर "आल्हा" आज भी प्रतिदिन उस मां के दर्शन करने आते हैं । "माता मैहर देवी" के नाम से प्रसिद्ध मां के दर्शन के पश्चात विंध्याचल पर विराजमान "मां विंध्यवासिनी" के दर्शन एवम् "तीर्थराज प्रयाग" की परम पावन धरा को प्रणाम कर वापस आने की योजना है ।
🍁 छ: दिन की इस यात्रा में रेलगाड़ी के स्लीपर क्लास के किराए, बस किराया, भोजन, जलपान एवं आवास आदि हेतु सहयोग राशि ५५००/- (पांच हजार पांच रूपये ) तथा ए. सी. थ्री हेतु ७०००/- रहेगी । शीतकाल होने के कारण अभी तक सभी भाई बहनों ने ए सी कोच में ही रिजर्वेशन कराया है । इच्छुक भाई बहन अविलंब सूचित करें । रेलगाड़ी में अभी पर्याप्त सीटें खाली हैं ।
🍁 कुछ समय पूर्व आपको सूचित किया जा चुका है कि अयोध्या में श्री राम जी के मंदिर के उद्घाटन के बाद २३ फरवरी से १४ मार्च तक २१ दिवसीय अर्थात २१ अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया है । वहां रहने ठहरने व भोजन, जलपान आदि की व्यवस्था नि: शुल्क रहेगी । कुछ भाई बहनों ने उसमे सम्मिलित होने तथा कुछ ने पाठ कर्ताओं के भोजन आदि में सहयोग की सहमति दी है । आप भी अपने संबंध में निर्णय लेकर शीघ्र सूचित करने का कष्ट करें ।।
🍁सुंदरकांड पाठ - निकट भविष्य में अपने संस्थान द्वारा ३० दिसंबर को अपरान्ह ०४ बजे आलोक नगर निवासी श्री कन्हैयालाल जी के निवास तथा ०१ जनवरी को ०४ बजे मेरे निवास "बालाजी धाम" पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन रहेगा । दोनो स्थानों पर उपस्थित होकर प्रभु कृपा प्राप्त करें ।* वास्तु विशेषज्ञ श्री राम कथावाचक बरेली उ० प्र०
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